तू मेरा अक्स कि मैं तेरा
किसके नूर से रौशन
किसका चेहरा
तेरा रंग जो मुझ पर छाया वो
या मेरा जो तुझ पर
वो है गहरा
कौन फ़स्ल-ए-बहार
कौन सेहरा
बात इतनी सी तो है
रहने दो, जाने दो
मैंने कहाँ लगा रखा है
हर बात पर पहरा.
किसके नूर से रौशन
किसका चेहरा
तेरा रंग जो मुझ पर छाया वो
या मेरा जो तुझ पर
वो है गहरा
कौन फ़स्ल-ए-बहार
कौन सेहरा
बात इतनी सी तो है
रहने दो, जाने दो
मैंने कहाँ लगा रखा है
हर बात पर पहरा.
No comments:
Post a Comment