सीखने का संयम नहीं
सिखाने का शौक़ है
भरी ऐसों की फ़ौज है
दुर्भाग्य
उनकी ही मौज है.
बन्दर के हाथ में डुगडुगी
आजकल
वो मदारी को नचाता है.
ये लाइने जिन्हे 'सादर'
समर्पित हैं
वे जानते हैं
मैं सही हूँ ये भी मानते हैं
मगर वो बदलेंगे नहीं
क्यूंकि
बन्दर गुलाटी मारना थोड़े ही छोड़ता है.
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