तेरे शहर से गुज़र के आया था वो झोंका
उसकी दीवानगी बता रही थी.
तूने छुआ था जिन 'काँटों' को
उनकी ख़ुशबू मौसमों को महका रही थी.
उस 'अँधेरे' पर तेरे ही नूर का असर था
जिसकी रौशनी मंज़िलों को बहका रही थी.
भटके रेतीले किनारों पर तेरे ही कदमों के थे वो निशां
बेफिक्र लहरों पर पड़ा वो तेरा ही था साया
तेरी सोहबत में न जाने किस-किसने होश गंवाया.
चांदनी ने चुपके से देखा था तेरा शर्माना
धुन ने सुना था तेरा गुनगुनाना .
कच्ची धूप को धीमी आंच पर पकाकर कुनकुनी,
ठंडी आहों से भर, शामों को सर्द, तूने ही बनाया
तेरी हर बात का असर था हर तरफ
कभी तूने ठुकराया, कभी अपनाया....
ऐ ज़िन्दगी ऐसा है तेरा-मेरा रोमांस,
ऐसा है तेरा -मेरा रिश्ता.
उसकी दीवानगी बता रही थी.
तूने छुआ था जिन 'काँटों' को
उनकी ख़ुशबू मौसमों को महका रही थी.
उस 'अँधेरे' पर तेरे ही नूर का असर था
जिसकी रौशनी मंज़िलों को बहका रही थी.
भटके रेतीले किनारों पर तेरे ही कदमों के थे वो निशां
बेफिक्र लहरों पर पड़ा वो तेरा ही था साया
तेरी सोहबत में न जाने किस-किसने होश गंवाया.
चांदनी ने चुपके से देखा था तेरा शर्माना
धुन ने सुना था तेरा गुनगुनाना .
कच्ची धूप को धीमी आंच पर पकाकर कुनकुनी,
ठंडी आहों से भर, शामों को सर्द, तूने ही बनाया
तेरी हर बात का असर था हर तरफ
कभी तूने ठुकराया, कभी अपनाया....
ऐ ज़िन्दगी ऐसा है तेरा-मेरा रोमांस,
ऐसा है तेरा -मेरा रिश्ता.
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