जितना मुश्किल था ये आसां करना
बिखरे ख़यालों को शब्दों की हांडी में
पकाकर कविता की शक्ल देना
उतना ही आसां था ये मुश्किल करना
सुकूं के ग़लत मायने चुन
ज़िन्दगी को जद्दोजहद की ज़ंजीरों में जकड़ देना
और उसमें इस कदर उलझते जाना
कि कविता करना फिर मुश्किल हो जाना.
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